📘 BNS धारा: कूटकृत संपत्ति-चिह्न से चिह्नित माल का विक्रय – पूरी जानकारी
भारत में व्यापार और उपभोक्ता सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कानून में ऐसे प्रावधान बनाए गए हैं जो धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े को रोकते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) में “कूटकृत संपत्ति-चिह्न से चिह्नित माल का विक्रय” एक गंभीर अपराध माना गया है। यह अपराध तब होता है जब कोई व्यक्ति ऐसे माल को बेचता है जिस पर फर्जी या नकली संपत्ति-चिह्न (Property Mark) लगाया गया हो।
इस लेख में हम इस धारा के हर पहलू को विस्तार से समझेंगे—अपराध की परिभाषा, आवश्यक तत्व, सजा, बचाव, और न्यायालय में इसका महत्व।
धारा 349 का मूल भाषा में प्रावधान (Bare Act Text):-
कूटकृत संपत्ति-चिह्न से चिह्नित माल का विक्रय
जो कोई किसी माल या चीजों को, स्वयं उन पर या किसी ऐसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें ऐसा माल रखा हो, कोई कूटकृत संपत्ति-चिह्न लगा हुआ या छपा हुआ होते हुए, बेचेगा या बेचने के लिए अभिदर्शित करेगा या अपने कब्जे में रखेगा, जब तक कि वह यह साबित न कर दे, कि-
(क) इस धारा के विरुद्ध अपराध न करने को सब युक्तियुक्त पूर्वावधानी बरतते हुए, चिह्न के असलीपन के सम्बन्ध में संदेह करने के लिए उसके पास कोई कारण अधिकथित अपराध करते समय नहीं था; तथा
(ख) अभियोजक द्वारा या उसकी ओर से मांग किए जाने पर, उसने उन व्यक्तियों के विषय में, जिनसे उसने ऐसा माल या चीजें अभिप्राप्त की थीं, वह सब जानकारी दे दी थी, जो उसकी शक्ति में थीं; या
(ग) अन्यथा उसने निर्दोषितापूर्वक कार्य किया था, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
🔹 कूटकृत संपत्ति-चिह्न क्या होता है?
संपत्ति-चिह्न (Property Mark) वह निशान, लेबल या चिह्न होता है जिससे यह पता चलता है कि वस्तु किसकी है या किस कंपनी द्वारा बनाई गई है।
जब कोई व्यक्ति किसी वस्तु पर झूठा या नकली चिह्न लगा देता है ताकि वह असली लगे, तो उसे कूटकृत (Fake/Counterfeit) कहा जाता है।
👉 उदाहरण:
▪️नकली ब्रांड का लोगो लगाकर जूते बेचना
▪️किसी कंपनी का नाम कॉपी करके सामान बेचना
▪️असली कंपनी जैसा पैकेज बनाकर धोखा देना
🔹 कूटकृत संपत्ति-चिह्न से चिह्नित माल का विक्रय क्या है?
जब कोई व्यक्ति:
▪️ऐसे माल को बेचता है,
▪️स्टॉक करता है,
▪️वितरण करता है,
▪️या व्यापार में उपयोग करता है
▪️जिस पर नकली संपत्ति-चिह्न लगा हुआ हो, तो यह इस धारा के अंतर्गत अपराध बनता है।
👉 महत्वपूर्ण बात:
यदि विक्रेता को यह ज्ञान (knowledge) है या वह जान सकता था कि माल नकली है, तब वह दोषी माना जाएगा।
🔹 इस अपराध के आवश्यक तत्व
इस धारा के तहत दोष सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित बातें साबित होना जरूरी हैं:
1. संपत्ति-चिह्न का होना
वस्तु पर कोई पहचान चिह्न होना चाहिए।
2. चिह्न का कूटकृत होना
वह चिह्न असली नहीं बल्कि नकली होना चाहिए।
3. माल का विक्रय या वितरण
आरोपी ने उस माल को बेचा या बेचने का प्रयास किया हो।
4. आरोपी की जानकारी
आरोपी को यह पता हो या वह जान सकता था कि चिह्न नकली है।
🔹 सजा का प्रावधान
इस अपराध के लिए BNS में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है:
सजा:- 1 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना, या दोनों
अपराध:- असंज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- कोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
शमनीय:- शमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए कोई समझौता या सेटलमेंट संभव है।
👉 अदालत अपराध की गंभीरता, मात्रा और आरोपी की मंशा के आधार पर सजा तय करती है।
🔹 यह अपराध क्यों गंभीर है?
यह अपराध सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे बाजार और उपभोक्ता को प्रभावित करता है:
✔️ उपभोक्ता को धोखा
ग्राहक नकली वस्तु को असली समझकर खरीदता है।
✔️ ब्रांड को नुकसान
असली कंपनी की प्रतिष्ठा खराब होती है।
✔️ अर्थव्यवस्था पर असर
नकली सामान बाजार में फैलने से टैक्स चोरी और आर्थिक नुकसान होता है।
🔹 उदाहरण से समझें
मान लीजिए:
राहुल नाम का व्यापारी बाजार से सस्ते नकली मोबाइल खरीदता है और उन पर किसी प्रसिद्ध कंपनी का लोगो लगाकर बेचता है।
👉 इस स्थिति में:
▪️राहुल ने नकली चिह्न का उपयोग किया
▪️ग्राहकों को धोखा दिया
▪️और माल का विक्रय किया
▪️इसलिए वह इस धारा के तहत दोषी होगा।
🔹 आरोपी के लिए बचाव (Defense)
अगर किसी व्यक्ति पर यह आरोप लगता है, तो वह निम्नलिखित आधारों पर बचाव कर सकता है:
1. जानकारी का अभाव
यदि वह साबित कर दे कि उसे माल के नकली होने की जानकारी नहीं थी।
2. उचित सावधानी
उसने माल खरीदते समय पूरी जांच की थी।
3. धोखाधड़ी का शिकार
यदि उसे स्वयं किसी ने धोखा देकर नकली माल दिया।
👉 लेकिन ध्यान दें:
सिर्फ “मुझे नहीं पता था” कहना पर्याप्त नहीं है, इसे साबित करना जरूरी है
🔹 पुलिस और कोर्ट की भूमिका
✔️ पुलिस:
शिकायत मिलने पर जांच करती है
माल को जब्त करती है
आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है
✔️ न्यायालय:
सबूतों की जांच करता है
गवाहों की सुनवाई करता है
दोष सिद्ध होने पर सजा देता है
🔹 संबंधित अन्य अपराध
यह धारा अक्सर अन्य अपराधों के साथ भी जुड़ सकती है:
▪️धोखाधड़ी (Fraud)
▪️जालसाजी (Forgery)
▪️ट्रेडमार्क उल्लंघन
🔹 व्यवसायियों के लिए सावधानियां
यदि आप व्यापारी हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
✔️ हमेशा अधिकृत सप्लायर से माल खरीदें
✔️ बिल और दस्तावेज सुरक्षित रखें
✔️ ब्रांड की जांच करें
✔️ सस्ते और संदिग्ध माल से बचें
🔹 उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
✔️ बहुत सस्ता सामान खरीदने से बचें
✔️ पैकेजिंग और लोगो ध्यान से देखें
✔️ भरोसेमंद दुकानों से खरीदारी करें
✔️ नकली माल मिलने पर शिकायत करें
🔹 निष्कर्ष
“कूटकृत संपत्ति-चिह्न से चिह्नित माल का विक्रय” एक गंभीर कानूनी अपराध है जो न केवल व्यापारिक ईमानदारी को नुकसान पहुंचाता है बल्कि उपभोक्ताओं के विश्वास को भी तोड़ता है। BNS के अंतर्गत इस अपराध के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है ताकि बाजार में पारदर्शिता बनी रहे।
यदि आप व्यापारी हैं, तो सतर्क रहें और यदि उपभोक्ता हैं, तो जागरूक बनें। कानून का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं बल्कि समाज में ईमानदारी और विश्वास को बनाए रखना है।
(IPC) की धारा 486 को (BNS) की धारा 349 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है |
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