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BSA 2023 की धारा 2(1)(d) “दस्तावेज” क्या है? आसान भाषा में पूरी जानकारी

BSA 2023 की धारा 2(1)(d) “दस्तावेज” क्या है? आसान भाषा में पूरी जानकारी
काल्पनिक चित्र


पूरे लेख का मूल प्रावधान (Bare Act Text):- 


2. परिभाषाएं. - (1) इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -

(घ) "दस्तावेज" से ऐसा कोई विषय अभिप्रेत है जिसको किसी पदार्थ पर अक्षरों, अंकों या चिह्नों के साधन द्वारा या उनमें से एक से अधिक साधनों द्वारा अभिव्यक्त या वर्णित या अन्यथा अभिलेखबद्ध किया गया है जो उस विषय के अभिलेखन के प्रयोजन से उपयोग किए जाने को आशयित हो या उपयोग किया जा सके और इसके अंतर्गत इलेक्ट्रानिक और डिजिटल अभिलेख भी हैं।

उदाहरण :- (i) लेख दस्तावेज है।

(ii) मुद्रित, शिला मुद्रित या फोटोचित्र शब्द दस्तावेज हैं।

(iii) मानचित्र या रेखांक दस्तावेज है।

(iv) धातुपट्ट या शिला पर उत्कीर्ण लेख दस्तावेज है।

(v) उपहासांकन दस्तावेज हैं।

(vi) ई-मेल, सर्वर लॉग, कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्ट फोन, मैसेज, वेबसाइट, अवस्थिति साक्ष्य में इलेक्ट्रानिकी अभिलेख और डिजिटल युक्तियों में भंडार किए गए वॉयस मेल मैसेज दस्तावेज हैं;


BSA 2023 की धारा 2(1)(d) “दस्तावेज” क्या है? आसान भाषा में समझें


भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की जगह लागू किए गए भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 यानी BSA 2023 में कई महत्वपूर्ण परिभाषाएँ दी गई हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण परिभाषा धारा 2(1)(d) में “दस्तावेज” की है। किसी भी न्यायालयीन कार्यवाही, मुकदमे, समझौते या सरकारी प्रक्रिया में दस्तावेज का विशेष महत्व होता है। अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले अधिकांश साक्ष्य दस्तावेज के रूप में ही होते हैं।


दस्तावेज की कानूनी परिभाषा

BSA 2023 की धारा 2(1)(d) के अनुसार,
ऐसा कोई भी विषय जो अक्षरों, अंकों, चिन्हों, संकेतों या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम द्वारा किसी पदार्थ पर अभिलिखित, व्यक्त या संग्रहीत किया गया हो और जिसका उपयोग सूचना के अभिलेखन या प्रमाण के रूप में किया जा सके, उसे “दस्तावेज” कहा जाता है।

सरल शब्दों में कहा जाए तो कोई भी लिखित, मुद्रित, टाइप किया गया या डिजिटल रूप में सुरक्षित रिकॉर्ड दस्तावेज माना जा सकता है।

दस्तावेज के मुख्य प्रकार


1. लिखित दस्तावेज

ये सामान्य कागजी रिकॉर्ड होते हैं, जैसे—

▪️किरायानामा 

▪️बिक्री विलेख 

▪️शपथ पत्र 

▪️अनुबंध पत्र 

▪️वसीयत 

2. इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज


BSA 2023 में डिजिटल रिकॉर्ड को भी दस्तावेज माना गया है। जैसे—

▪️ईमेल 

▪️व्हाट्सएप चैट 

▪️सीसीटीवी फुटेज 

▪️मोबाइल रिकॉर्डिंग 

▪️डिजिटल फोटो 

▪️कंप्यूटर डेटा 


अदालत में दस्तावेज का महत्व

किसी भी मुकदमे में दस्तावेज साक्ष्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि किसी व्यक्ति के पास अपने दावे को साबित करने के लिए सही दस्तावेज मौजूद हैं, तो अदालत में उसकी स्थिति मजबूत हो जाती है। उदाहरण के लिए—

▪️जमीन विवाद में रजिस्ट्री 

▪️विवाह विवाद में विवाह प्रमाण पत्र 

▪️बैंक विवाद में खाता विवरण 

▪️नौकरी विवाद में नियुक्ति पत्र 

ये सभी दस्तावेज अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जाते हैं।


इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का बढ़ता महत्व

आज के डिजिटल युग में अधिकतर कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। इसी कारण BSA 2023 में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को विशेष महत्व दिया गया है। अब मोबाइल चैट, ईमेल और डिजिटल फाइलें भी अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की जा सकती हैं, बशर्ते वे कानूनी नियमों के अनुसार प्रमाणित हों।


दस्तावेज और साक्ष्य में अंतर

हर दस्तावेज साक्ष्य बन सकता है, लेकिन हर साक्ष्य दस्तावेज नहीं होता। उदाहरण के लिए—

▪️किसी व्यक्ति का बयान मौखिक साक्ष्य हो सकता है। 

▪️जबकि लिखित अनुबंध दस्तावेजी साक्ष्य कहलाता है। 

▪️इस प्रकार दस्तावेज साक्ष्य का एक महत्वपूर्ण रूप है।


निष्कर्ष

BSA 2023 की धारा 2(1)(d) में “दस्तावेज” की परिभाषा को आधुनिक तकनीक के अनुसार विस्तृत किया गया है। अब केवल कागजी रिकॉर्ड ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी दस्तावेज की श्रेणी में आते हैं। अदालत में अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सही और प्रमाणित दस्तावेजों का होना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कानूनी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।



चित्र में भारतीय दंड संहिता 1860 लिखा है

(IEA) की धारा 3, PARA 5 को (BSA) की धारा 2(1)D में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है

अस्वीकरण: लेख/प्रारूप में दिए गए वाद संख्या, सन, नाम, एड्रेस, दिनांक, मोबाइल नंबर या किसी भी प्रकार का लेख/प्रारूप काल्पनिक है यह लेख/प्रारूप मात्र जानकारी के लिए है जिसका किसी भी घटना के साथ मेल इस लेख/प्रारूप से कोई संबंध नहीं है सलाह सहित यह लेख/प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023  इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है

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