📘 Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) – धारा 326
“Mischief by injury, inundation, fire or explosive substance, etc.”
धारा 326 Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (BNS) का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है जो अपराध की उस श्रेणी को परिभाषित करता है जिसमें कोई व्यक्ति जानबूझकर या जानकर ऐसे कार्य करता है जिससे जनता, संपत्ति, सार्वजनिक संरचना या प्राकृतिक संसाधन को नुकसान पहुँचता है। इस धारा का लक्ष्य ऐसे कृत्यों पर कड़ी सजाएँ देना है ताकि जनहित, सार्वजनिक सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
धारा 326 केवल साधारण क्षति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जल आपूर्ति, सड़कों-पुलों, जल निकासी, नेविगेशनल संकेत, आग और विस्फोटकों से होने वाली हानि को भी शामिल किया गया है। यह धारा धारा 324 और धारा 325 के बाद आती है और Offences against Property के अध्याय के अंतर्गत है।
📜 धारा 326 का कानूनी पाठ
धारा 326 के अनुसार:
( क्षति, जलप्लावन, अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि )
जो कोई किसी ऐसे कार्य के करने द्वारा रिष्टि करेगा, -
(क) जिससे कृषिक प्रयोजनों के लिए, या मानव प्राणियों के या उन जीवजन्तुओं के, जो संपत्ति है, खाने या पीने के, या सफ़ाई के या किसी विनिर्माण को चलाने के जल प्रदाय में कमी कारित होती हो या कमी कारित होना वह संभाव्य जानता हो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा;
(ख) जिससे किसी लोक सड़क, पुल, नाव्य नदी या प्राकृतिक या कृत्रिम नाव्य जलसरणी को यात्रा या संपत्ति प्रवहण के लिए अगम्य या कम निरापद बना दिया जाए या बना दिया जाना वह सम्भाव्य जानता हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा;
(ग) जिससे किसी लोक जलनिकास में क्षतिप्रद या नुकसानप्रद जलप्लावन या बाधा कारित हो जाए, या होना वह सम्भाव्य जानता हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा;
(घ) जिससे रेल, वायुयान या जहाज या अन्य चीज के, जो नौ-चालकों के लिए मार्ग प्रदर्शन के लिए रखी गई हो, या कोई ऐसा कार्य करने द्वारा, जिससे कोई ऐसा चिह्न या सिग्नल नौ-चालकों के लिए मार्ग प्रदर्शक के रूप में कम उपयोगी बन जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
(ङ) जिससे लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा लगाए गए किसी भूमि चिह्न के नष्ट करने या हटाने द्वारा या कोई ऐसा कार्य करने द्वारा, जिससे ऐसा भूमि चिह्न ऐसे भूमि चिह्न के रूप में कम उपयोगी बन जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
(च) जिससे कृषि उपज सहित किसी संपत्ति का नुकसान कारित करने के आशय से या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह तद्वारा ऐसा नुकसान अग्नि या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा कारित हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
(छ) जिससे किसी ऐसे निर्माण का, जो मामूली तौर पर उपासना-स्थान के रूप में या मानव-विकास के रूप में या संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में उपयोग में आता हो, नाश कारित करने के आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह तद्वारा उसका नाश अग्नि या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा कारित हो, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
🔍 धारा 326 के उप-प्रावधान (Clauses) और उनका अर्थ
📌 (a) जल आपूर्ति में कमी
यह उपधारा उस व्यक्ति को कवर करती है जो ऐसा कोई कृत्य करता है जिससे:
▪️कृषि प्रयोजनों के लिए पानी की आपूर्ति घट जाती है,
▪️मानव या पशु पीने/खाने के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित होती है,
▪️सफाई, मानव उपयोग या किसी उद्योग के लिए पानी की आवश्यकता को हानि पहुँचती है,
▪️या उसे पहले से पता हो कि उसके कार्य से पानी की आपूर्ति कम हो सकती है। ऐसे कृत्य के लिए पांच वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
उदाहरण: नदी का मार्ग अवैध रूप से अवरुद्ध करना जिससे नहरों में पानी की आपूर्ति घटती है।
📌 (b) सार्वजनिक मार्गों को नुकसान
अगर कोई व्यक्ति ऐसा कृत्य करता है जिससे:
▪️सार्वजनिक सड़क, पुल, नदी-मार्ग या किसी नेविगेबल चैनल यात्रा या माल ढुलाई के लिए अप्राप्य या कम सुरक्षित हो जाता है,
▪️या उसे पता है कि इससे वह मार्ग हानिकारक या उपयोग-हीन हो सकता है,
▪️तो यह भी धारा 326 में आता है और इसके लिए पांच वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
उदाहरण: किसी पुल को जानबूझकर नुकसान पहुँचना जिससे वहाँ से ट्रैफिक असुरक्षित हो जाता है
📌 (c) सार्वजनिक जलनिकासी का अवरोध
इस उपधारा के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति ऐसा कृत्य करता है जिससे:
▪️सार्वजनिक जल निकासी (जैसे सीवेज चैनल/ड्रेनेज) में रुकावट आती है,
▪️जिससे बाढ़, जलभराव या मजबूत हानि होती है,
▪️तो उसके खिलाफ पांच वर्ष तक के कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
उदाहरण: नाले में अवैध रूप से कचरा डालना जिससे पानी जमा हो जाता है और बाढ़ जैसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
📌 (d) नेविगेशनल संकेतों को नुकसान
▪️यह उपधारा उन कृत्यों को कवर करती है जिसमें व्यक्ति रेल, जहाज या विमान-मार्ग के संकेत/सिग्नल को तोड़ता, हटाता या उस तरीके से बदल देता है जिससे वे कम उपयोगी हो जाते हैं।
▪️इसके लिए सात वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
उदाहरण: किसी रेलवे सिग्नल को तोड़ देना जिससे ट्रेन संचालन के लिए खतरा बढ़ सकता है।
📌 (e) सार्वजनिक लैंडमार्क को नुकसान
▪️यदि कोई व्यक्ति उस भूमि-चिह्न/लैंडमार्क (जिसे सार्वजनिक अधिकारी ने लगाया है) को नष्ट करता या हटा देता है, या उसे कम उपयोगी बनाता है, तो वह अपराध है।
▪️इसके लिए एक वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
उदाहरण: किसी सरकारी द्वारा लगाए गए भू-चिह्न (जैसे सीमा चिह्न) को हटा देना।
📌 (f) आग या विस्फोटक से संपत्ति को क्षति
▪️यह उपधारा उन अपराधों को कवर करती है जहाँ व्यक्ति आग या विस्फोटक पदार्थ का उपयोग करते हुए संपत्ति को क्षति पहुँचाने का इरादा रखता है या जानकर ऐसा करता है।
▪️इसके लिए सात वर्ष तक की सजा और जुर्माना हैं।
उदाहरण: किसी व्यक्ति द्वारा आग या बम से कृषि उत्पाद या घर की संपत्ति को नुकसान पहुँचाना।
📌 (g) आग या विस्फोटक से इमारतों का विनाश
▪️सबसे गंभीर अपराध वह है जहाँ अग्नि या विस्फोटक पदार्थ के इस्तेमाल से पूजा स्थल, मानव आवास या संपत्ति संरक्षित इमारत को नष्ट किया जाता है।
▪️इसके लिए आजीवन कारावास या दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना का प्रावधान है।
उदाहरण: किसी मंदिर, घर या गोदाम को विस्फोटकर नष्ट करने जैसा कृत्य।
⚖️ सजा और गंभीरता
धारा 326 में दंड की गंभीरता कृत्य की प्रकृति पर निर्भर करती है:
खंड - ( क ) - सजा:- 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
शमनीय:- शमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए कोई समझौता या सेटलमेंट संभव है।
खंड - ( ख ) - सजा:- दण्ड-5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए कोई समझौता या सेटलमेंट संभव नही है।
खंड - ( ग ) - सजा:- 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए कोई समझौता या सेटलमेंट संभव नही है।
खंड - ( घ ) - सजा:- 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए कोई समझौता या सेटलमेंट संभव नही है।
खंड - ( डं ) - सजा:- 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- कोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए कोई समझौता या सेटलमेंट संभव नही है।
खंड - ( च ) - सजा:- 7 वर्ष के लिए कारावास, जुर्माना
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए कोई समझौता या सेटलमेंट संभव नही है।
खंड - ( छ ) - सजा:- आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- अजमानतीय
विचारणीय:- सेशन न्यायालय द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए कोई समझौता या सेटलमेंट संभव नही है।
📌 धारा 326 का सामाजिक महत्व
धारा 326 का उद्देश्य सिर्फ नुकसान पहुँचाने को अपराध मानना नहीं है, बल्कि इसके द्वारा जनहित, सुरक्षा और सार्वजनिक संरचना की रक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।
ऐसे कृत्य जो जन वस्तु, जल आपूर्ति, परिवहन नेटवर्क, नालों–नालियों, और समाज के मूलभूत ढाँचे को प्रभावित करते हैं, वे केवल व्यक्तिगत हानि के रूप में नहीं बल्कि बड़े सामाजिक नुकसान के रूप में देखे जाते हैं।
📌 निष्कर्ष
धारा 326, Bharatiya Nyaya Sanhita 2023, मिशीफ के कई गंभीर रूपों को कवर करती है — चाहे वह जल संसाधन को प्रभावित करना हो, सार्वजनिक संरचना को नुकसान पहुँचाना हो, जल निकासी को बाधित करना हो, या आग व विस्फोटक पदार्थों के उपयोग से संपत्ति और भवनों को नष्ट करना।
इस धारा में अत्यधिक दंड के प्रावधान हैं ताकि सामाजिक सुरक्षा और जीवन-सम्पत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
(IPC) की धारा 430, 431, 432, 433, 434, 435, 436, 438 को (BNS) की धारा 326 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है |
अस्वीकरण: लेख/प्रारूप में दिए गए वाद संख्या, सन, नाम, एड्रेस, दिनांक, मोबाइल नंबर या किसी भी प्रकार का लेख/प्रारूप काल्पनिक है यह लेख/प्रारूप मात्र जानकारी के लिए है जिसका किसी भी घटना के साथ मेल इस लेख/प्रारूप से कोई संबंध नहीं है सलाह सहित यह लेख/प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है

