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BNS धारा 293: सार्वजनिक उपद्रव जारी रखने पर दंड | Bharatiya Nyaya Sanhita 293 Explained


BNS धारा 293: सार्वजनिक उपद्रव जारी रखने पर दंड | Bharatiya Nyaya Sanhita 293 Explained
काल्पनिक चित्र 


पूरे लेख का मूल प्रावधान (Bare Act Text):

 (न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात् उसका चालू रखना)

जो कोई किसी लोक सेवक द्वारा, जिसको किसी न्यूसेन्स की पुनरावृत्ति न करने या उसे चालू न रखने के लिए व्यादेश प्रचालित करने का प्राधिकार हो, ऐसे व्यादिष्ट किए जाने पर, किसी लोक न्यूसेन्स की पुनरावृत्ति करेगा, या उसे चालू रखेगा, वह सादा कारावास से जिसकी अवधि छह मास तक को हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक हो सकेगा, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।


◆ सरल हिन्दी में समझिऐ:- 

यह धारा उन लोगों पर लागू होती है जिन्होंने किसी सार्वजनिक उपद्रव (न्यूसेंस) के कारण अधिकृत अधिकारी से उसे रोकने का आदेश (injunction) प्राप्त किया हुआ है, लेकिन फिर भी वह उपद्रव दोहराया या जारी रखा।

ऐसे व्यक्ति को:

सजा — DETAILED PUNISHMENT:- 

सजा:- 6 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों

अपराध:- संज्ञेय

जमानत:- जमानतीय

विचारणीय:- कोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय

अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए समझौता नहीं किया जा सकता हैं।


◆ ⚖️ धारा 293 का उद्देश्य (Purpose):- 

धारा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:
✔️ लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा, सुविधा, शालीनता और नैतिकता को प्रभावित करने वाले किसी भी उपद्रव को
✔️ जब उसे रोकने का न्यायिक या वैधानिक आदेश जारी हो
✔️ तब लोगो को उस आदेश का सम्मान करना आवश्यक है।
यदि व्यक्ति उसका उल्लंघन करता है तो यह एक आपराधिक अपराध बन जाता है।


◆ 🧩 मुख्य बिंदु (Key Highlights):- 

उस आदेश के बाद उपद्रव जारी रखना जिसे कानूनन रोकने का आदेश मिला हो – ही अपराध है।

√उपद्रव (Public Nuisance) में शामिल हो सकते हैं:

√ अनधिकृत शोर-शराबा

√ सार्वजनिक मार्ग रोकना

√ प्रदूषण फैलाना

√ कोई अन्य कार्य जो आम लोगों के स्वास्थ्य या सुविधा को प्रभावित करता हो।

√ आदेश देने वाला लोक सेवक (Public Servant) वह अधिकारी होगा जिसे ऐसी injunction जारी करने का वैधानिक अधिकार है।

√ दंड कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

√ यह धारा साधारण (simple) अपराध है – न कि गंभीर अपराध


◆ ⚖️ उदाहरण (Example):- 

मान लीजिए:

1. किसी इलाके में कोई व्यक्ति रात में जोर से शोर करता है।

2.पुलिस अधिकारी उसे सार्वजनिक स्थान पर शोर न करने का औपचारिक आदेश देते हैं।

3. इसके बावजूद वह व्यक्ति शोर जारी रखता है।

तो ऐसे व्यक्ति पर धारा 293 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।


◆ 📌 धारा 293 – विशेष बातें:- 

✔️ यह धारा Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 के अध्याय 15 में आती है।

✔️ इसका उद्देश्य सार्वजनिक उपद्रव को नियंत्रित करना और कानून के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना है।

✔️ यह धारा पहले IPC के पुराने प्रावधान Section 291 जैसा नियम थी, जिसे अब बीएनएस में नए रूप में पेश किया गया है।


(IPC) की धारा 291 को (BNS) की धारा 293 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है

(IPC) की धारा 291 को (BNS) की धारा 293 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है


अस्वीकरण: सलाह सहित यह प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023  इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है


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