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कोर्ट में अंडरटेकिंग कैसे दें? | Undertaking Draft, Format, प्रक्रिया और कानूनी नियम

कोर्ट में अंडरटेकिंग कैसे दें? | Undertaking Draft, Format, प्रक्रिया और कानूनी नियम
काल्पनिक चित्र

कोर्ट में अंडरटेकिंग कैसे दें? | Undertaking Draft, Format, प्रक्रिया और कानूनी नियम (BNSS 2023)

कोर्ट में अंडरटेकिंग (Undertaking) एक लिखित आश्वासन होता है, जिसमें पक्षकार यह वचन देता है कि वह न्यायालय के आदेशों, शर्तों या किसी विशेष कार्य का पालन करेगा। यह प्रायः जमानत, स्थगन (Stay), समझौता, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद या आपराधिक मामलों में दी जाती है।

साल 2023 से लागू नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत भी जमानत और ट्रायल की कार्यवाही में अंडरटेकिंग का महत्व बना हुआ है। यह लेख आपको बताएगा कि अंडरटेकिंग क्या है, कब दी जाती है, किस धारा में दी जा सकती है, और उसका सही ड्राफ्ट कैसे तैयार करें।



अंडरटेकिंग क्या होती है?

अंडरटेकिंग एक औपचारिक लिखित घोषणा है, जिसमें व्यक्ति न्यायालय के समक्ष यह प्रतिज्ञा करता है कि वह:


🔹अदालत के आदेशों का पालन करेगा

🔹किसी शर्त का उल्लंघन नहीं करेगा

🔹किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं करेगा (यदि कोर्ट ने रोका हो)

🔹अगली तारीख पर उपस्थित रहेगा

🔹जमानत की शर्तों का पालन करेगा

यदि दी गई अंडरटेकिंग का उल्लंघन होता है, तो न्यायालय अवमानना (Contempt) या जमानत निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई कर सकता है।


PDF Download – [🔷 कोर्ट में दाख़िल करने योग्य बंधपत्र/अंडरटेकिंग]

यहाँ आप [नीचे कोर्ट में दाखिल करने योग्य, प्रैक्टिकल और स्टैंडर्ड प्रारूप दे रहा हूँ। आप इसे सीधे कॉपी करके उपयोग कर सकते हैं। ✍️⚖️] पूरी जानकारी PDF फॉर्मेट में देख और डाउनलोड कर सकते हैं। यह डॉक्यूमेंट पूर्णतः फ्री है।

📘 PDF Document Preview

नीचे दिए गए व्यूअर में PDF देखें या डाउनलोड बटन पर क्लिक करें।



अंडरटेकिंग और बॉन्ड में अंतर

आधारअंडरटेकिंगबॉन्ड
प्रकृतिलिखित वचनवित्तीय गारंटी
उल्लंघन परअवमानना/जमानत रद्दराशि जब्त
उपयोगशर्त पालन हेतुजमानत सुनिश्चित करने हेतु




BNSS 2023 के तहत अंडरटेकिंग

नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) में जमानत, बॉन्ड और शर्तों के पालन का स्पष्ट प्रावधान है।

1️⃣ जमानत में अंडरटेकिंग

जब आरोपी को जमानत दी जाती है, तो वह कोर्ट में बॉन्ड और अंडरटेकिंग देता है कि:

🔸वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा

🔸गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा

🔸अपराध दोहराएगा नहीं

🔸देश छोड़कर नहीं जाएगा (यदि शर्त हो)

2️⃣ ट्रायल के दौरान

कभी-कभी न्यायालय किसी विशेष राहत के बदले अंडरटेकिंग मांगता है, जैसे:

▪️विवादित संपत्ति की स्थिति न बदलना

▪️पत्नी/परिवार को भरण-पोषण देना

▪️किसी व्यक्ति से दूरी बनाए रखना



किन मामलों में अंडरटेकिंग दी जाती है?

✔️ घरेलू हिंसा मामलों में

घरेलू विवादों में आरोपी पति कोर्ट को आश्वासन दे सकता है कि वह प्रताड़ना नहीं करेगा और शांति बनाए रखेगा।

✔️ जमानत प्रार्थना पत्र के साथ

सत्र न्यायालय या मजिस्ट्रेट कोर्ट में जमानत के समय।

✔️ समझौता मामलों में

यदि पक्षकार आपसी सहमति से मामला सुलझाते हैं, तो समझौते की शर्तों का पालन करने की अंडरटेकिंग दी जाती है।

✔️ स्थगन (Stay) या अंतरिम राहत

कभी-कभी कोर्ट अंतरिम राहत देते समय लिखित अंडरटेकिंग लेता है।



अंडरटेकिंग का कानूनी महत्व

अंडरटेकिंग मात्र एक कागज़ नहीं है; यह न्यायालय के समक्ष एक गंभीर प्रतिज्ञा है।

🔻उल्लंघन होने पर जमानत रद्द हो सकती है।

🔻अदालत अवमानना कार्यवाही शुरू कर सकती है।

🔻भविष्य में राहत मिलने में कठिनाई हो सकती है।



अंडरटेकिंग देने की प्रक्रिया (Step by Step)

1️⃣ ड्राफ्ट तैयार करें

वकील द्वारा स्पष्ट भाषा में शर्तों का उल्लेख करते हुए अंडरटेकिंग का मसौदा तैयार करें।

2️⃣ केस विवरण लिखें

न्यायालय का नाम

वाद संख्या

पक्षकारों का नाम

3️⃣ स्पष्ट प्रतिज्ञा

जिस शर्त के पालन का वचन दे रहे हैं, उसे साफ-साफ लिखें।

4️⃣ हस्ताक्षर व सत्यापन

अभियुक्त/पक्षकार हस्ताक्षर करे।

5️⃣ कोर्ट में दाखिल

फाइलिंग सेक्शन में जमा कर संबंधित जज के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।



अंडरटेकिंग का सैंपल ड्राफ्ट (हिंदी)

न्यायालय: माननीय सत्र न्यायालय, ________
वाद संख्या: ________

मैं, ________ पुत्र ________, निवासी ________, यह अंडरटेकिंग देता/देती हूँ कि:

🔺मैं न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करूंगा/करूंगी।

🔺किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करूंगा/करूंगी।

🔺न्यायालय की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ूंगा/छोड़ूंगी।

🔺प्रत्येक सुनवाई पर उपस्थित रहूंगा/रहूंगी।

दिनांक: ________
हस्ताक्षर: ________



अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

❓ क्या अंडरटेकिंग किसी विशेष धारा में दी जाती है?

यह प्रायः जमानत या न्यायालय की शर्तों के तहत दी जाती है, जो BNSS के प्रावधानों से जुड़ी होती है।

❓ क्या बिना वकील के अंडरटेकिंग दे सकते हैं?

हाँ, परंतु सही कानूनी भाषा और शर्तों की स्पष्टता हेतु वकील की सहायता उचित है।

❓ उल्लंघन होने पर क्या होगा?

जमानत निरस्त हो सकती है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।



निष्कर्ष

कोर्ट में अंडरटेकिंग देना एक गंभीर कानूनी प्रक्रिया है। यह केवल औपचारिकता नहीं बल्कि न्यायालय के समक्ष दिया गया वैधानिक आश्वासन है। नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS 2023) के तहत भी जमानत व शर्तों के पालन में इसका विशेष महत्व है।

यदि आप जमानत, घरेलू हिंसा, या किसी अन्य आपराधिक/सिविल मामले में अंडरटेकिंग देना चाहते हैं, तो सही ड्राफ्ट और कानूनी सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है।


अंडरटेकिंग का सटीक ड्राफ्ट फॉर्मेट, कानूनी प्रक्रिया, शर्तें और महत्वपूर्ण नियम — आसान भाषा में पूरी जानकारी।
अंडरटेकिंग का सटीक ड्राफ्ट फॉर्मेट, कानूनी प्रक्रिया, शर्तें और महत्वपूर्ण नियम — आसान भाषा में पूरी जानकारी।


सूचना:- लेख/प्रारूप में दिए गए वाद संख्या, सन, नाम, एड्रेस, दिनांक, मोबाइल नंबर या किसी भी प्रकार का लेख/प्रारूप काल्पनिक है यह लेख/प्रारूप मात्र जानकारी के लिए है जिसका किसी भी घटना के साथ मेल इस लेख/प्रारूप से कोई संबंध नहीं है सलाह सहित यह लेख/प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023  इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है


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