
काल्पनिक चित्र
जब किसी अभियुक्त को न्यायालय में आत्मसमर्पण करना होता है, तब उसके द्वारा एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जाता है। इस पत्र में अभियुक्त अपना नाम, मुकदमा संख्या, धाराएं तथा न्यायालय का विवरण लिखते हुए विनम्र निवेदन करता है कि वह स्वेच्छा से न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर रहा है। साथ ही न्यायालय से अनुरोध किया जाता है कि अभियुक्त के आत्मसमर्पण को स्वीकार करते हुए विधि अनुसार आदेश पारित किया जाए। प्रार्थना पत्र स्पष्ट, संक्षिप्त और शिष्ट भाषा में होना चाहिए ताकि न्यायालय के समक्ष सही तथ्य प्रस्तुत हो सकें।
📘 जब किसी अभियुक्त को न्यायालय में आत्मसमर्पण करना होता है, तब उसके द्वारा एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जाता है। आसान प्रारूप, PDF
न्यायालय से अनुरोध किया जाता है कि अभियुक्त के आत्मसमर्पण को स्वीकार करते हुए विधि अनुसार आदेश पारित किया जाए। आप इसे ऑनलाइन देख सकते हैं तथा डाउनलोड भी कर सकते हैं। ✍️⚖️
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