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धारा 138 NI Act लीगल नोटिस प्रारूप: अधिवक्ता द्वारा चेक बाउंस नोटिस कैसे तैयार करें?

धारा 138 NI Act लीगल नोटिस प्रारूप: अधिवक्ता द्वारा चेक बाउंस नोटिस कैसे तैयार करें?
काल्पनिक चित्र


जब किसी व्यक्ति द्वारा जारी किया गया चेक बैंक से अनादरित (Dishonour) होकर वापस आ जाता है, तब परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही प्रारम्भ करने से पहले विधिक नोटिस भेजना आवश्यक होता है। यह नोटिस सामान्यतः अधिवक्ता द्वारा प्रेषित किया जाता है, जिसमें चेक का विवरण, राशि, बैंक मेमो की जानकारी तथा 15 दिनों के भीतर भुगतान की मांग की जाती है। यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो परिवादी सक्षम न्यायालय में परिवाद दायर कर सकता है। एक सुदृढ़ एवं विधिसम्मत लीगल नोटिस मुकदमे की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

📘 धारा 138 NI Act के अंतर्गत चेक बाउंस होने पर अधिवक्ता द्वारा भेजे जाने वाले लीगल नोटिस का विस्तृत आसान प्रारूप, PDF

यह नोटिस सामान्यतः अधिवक्ता द्वारा प्रेषित किया जाता है, जिसमें चेक का विवरण, राशि, बैंक मेमो की जानकारी तथा 15 दिनों के भीतर भुगतान की मांग की जाती है। आप इसे ऑनलाइन देख सकते हैं तथा डाउनलोड भी कर सकते हैं। ✍️⚖️



अस्वीकरण: लेख/प्रारूप में दिए गए वाद संख्या, सन, नाम, एड्रेस, दिनांक, मोबाइल नंबर या किसी भी प्रकार का लेख/प्रारूप काल्पनिक है यह लेख/प्रारूप मात्र जानकारी के लिए है जिसका किसी भी घटना के साथ मेल इस लेख/प्रारूप से कोई संबंध नहीं है सलाह सहित यह लेख/प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023  इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है






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