पूरे लेख का मूल प्रावधान (Bare Act Text):-
अश्लील कार्य और गाने. जो कोई-
(क) किसी लोक स्थान में कोई अश्लील कार्य करेगा, या
(ख) किसी लोक स्थान में या उसके समीप कोई अश्लील गाने, पवांड़े या शब्द गाएगा, सुनाएगा या उच्चारित करेगा जिससे दूसरों को क्षोभ होता हो,
वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
📘 BNS धारा 296 – Obscene Acts and Songs का पूरा विस्तृत लेख :-
भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) की धारा 296 “Obscene acts and songs” के बारे में है — यानी सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें या अश्लील गीत/शब्द बोलना/गाना, जो दूसरों को परेशानी या असहजता पहुँचाते हैं, वह अपराध माना जाता है। यह प्रावधान समाज की नैतिकता और सार्वजनिक शालीनता को सुरक्षित रखने के लिये बनाया गया है।
🧠 इस धारा का उद्देश्य क्या है? :-
धारा 296 का मुख्य लक्ष्य है:
✔️ सार्वजनिक शालीनता, decency और नैतिकता बनाए रखना
✔️ लोकल जनता को अश्लीलता से बचाना
✔️ सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील व्यवहार/भाषा से चिंतित लोगों को सुरक्षा देना
कई बार लोग मज़ाक-मज़ाक में या ध्यान न देकर सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें या गाने करते हैं, जिससे अन्य नागरिकों को आघात, शर्मिंदगी या असहजता होती है। ऐसे हरकतों को नियंत्रण में रखने के लिये यह धारा है।
📌 धारा 296 के मुख्य तत्व (Essentials of Section 296) :-
इस धारा को समझने के लिये जरूरी बातें:
1. “अश्लील” का अर्थ
कानून में “अश्लील” वह व्यवहार/आचरण/शब्द है जो नैतिकता के विपरीत, सामान्य समाज की भावना के खिलाफ, और देखने या सुनने वाले लोगों को असहज या परेशान करने वाला हो।
2. “सार्वजनिक स्थान”
सार्वजनिक स्थान में वो जगहें आती हैं जहाँ लोगों की आवाजाही सामान्य है — जैसे सड़क, पार्क, बाज़ार, मंदिर के बाहर, सार्वजनिक परिवहन, आदि। ऐसे स्थान जहाँ आम लोग आते-जाते हों।
3. “आनॉयनस (Annoyance)” यानी दूसरों का परेशान होना
इस धारा के लिये केवल अश्लील हरकत करना ही काफी नहीं — वह हरकत दूसरों को परेशान या असहज महसूस करानी चाहिए। यदि किसी को भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल पर अश्लील गीत सुनकर या एक्ट देखकर असहजता होती है, तब यह धारा लागू होती है।
4. दो प्रकार के अपराध
(a) अश्लील हरकतें सार्वजनिक स्थानों पर
(b) अश्लील गाने/आवाज़/शब्द बोलना/गाना/publicं recite करना
— दोनों ही इसी धारा के अधीन आते हैं।
🧩 कानूनी सज़ा (Punishment under Section 296) :-
धारा 296 के तहत दोषी पाए जाने पर यह दंड दिए जा सकते हैं:
सजा:- 3 मास के लिए कारावास या 1,000 रुपए का जुर्माना या दोनों
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- कोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए समझौता नहीं किया जा सकता हैं।
यह धारा कम सख़्त है, लेकिन इसका मकसद है कि सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता फैलाने वाले व्यवहार को रोकना।
🧪 उदाहरण के तौर पर समझें :-
📍 उदाहरण 1 — बाज़ार में अश्लील गानें गाना
रात को भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कोई व्यक्ति गंदे/अश्लील गाने जोर-जोर से गा रहा है और आसपास लोग परेशान हो रहे हैं। यह धारा 296 के तहत आता है।
📍 उदाहरण 2 — पार्क में अश्लील हरकत
एक पार्क में कोई व्यक्ति अश्लील इशारे या हरकतें कर रहा है जिससे चलती-फिरती जनता असहज महसूस कर रही है। यह भी इसी धारा में आता है।
📍 उदाहरण 3 — बस या ट्रेन में गालियाँ देना
भीड़-भाड़ वाली बस में जोर से अश्लील शब्दों का उच्चारण करना भी धारा 296 के दायरे में आ सकता है। यह भी सार्वजनिक स्थान में हो रहा है और दूसरों को परेशान करता है।
⚖️ धारा 296 कहाँ लागू नहीं होती? :-
हालाँकि यह धारा व्यापक है, पर कुछ स्थितियों में लागू नहीं होती:
⭕ निजी घर/कमरे में जहां कोई भी बाहरी व्यक्ति मौजूद नहीं है
⭕ कलात्मक, शैक्षणिक या सांस्कृतिक प्रसंग जहाँ हरकत का उद्देश्य सकारात्मक/शिक्षात्मक है
⭕ जब कोई शिकायत नहीं हुई या आसपास कोई लोग असहज नहीं हुए
⭕ जब किसी को अस्वीकृत/कृत्य का आभास ही नहीं होता
इन परिस्थितियों में कोर्ट धारा 296 लागू नहीं कर सकता।
⚖️ धारा 296 vs पुराना IPC 294 :-
धारा 296 BNS मूलतः IPC 294 (अश्लील कृत्य और गाने) से मेल खाती है, और सज़ा/परिभाषा भी काफी समान है। यह बुनियादी अपराध वही रखती है, लेकिन नए BNS ढांचे में इसे modern context के साथ रखा गया है।
📌 महत्व और सामाजिक प्रभाव :-
धारा 296 का उद्देश्य है कि:
✅ सार्वजनिक स्थानों को सभ्य, सुरक्षित और सम्मानजनक रखा जाए
✅ लोगों को अनाच्छनीय व्यवहार से बचाया जाए
✅ व्यक्तियों का आत्म-सम्मान और निजी मर्यादा सुरक्षित रहे
यह धारा आम नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है ताकि वे सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता/असहज भाषा/गालियों से प्रभावित न हों।
📌 सरल शब्दों में निष्कर्ष :-
धारा 296 BNS कहती है कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करता है या अश्लील गीत/शब्द गाता/बोलता है और इससे दूसरों को परेशानी, शर्मिंदगी या असहजता होती है, तो वह अपराध माना जाएगा, और उसके खिलाफ जेल/जुर्माना या दोनों सज़ाएँ दी जा सकती हैं। यह कानून सार्वजनिक शालीनता को सुनिश्चित करना चाहता है।
(IPC) की धारा 294 को (BNS) की धारा 296 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है |
अस्वीकरण: सलाह सहित यह प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है

