जब पति या पत्नी बिना उचित कारण वैवाहिक घर छोड़कर अलग रहने लगते हैं, तब पीड़ित पक्ष परिवार न्यायालय में रुखसती एवं वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना हेतु वाद दायर कर सकता है। इस वाद का उद्देश्य पति-पत्नी को पुनः साथ रहने के लिए कानूनी सहायता प्राप्त करना होता है। वाद पत्र में विवाह का विवरण, अलग रहने का कारण, समझौते के प्रयास और पुनः साथ रहने की इच्छा स्पष्ट रूप से लिखी जाती है। न्यायालय दोनों पक्षों को सुनकर सुलह का प्रयास करता है। यदि उचित कारण न हो तो कोर्ट वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना का आदेश दे सकता है।
📘 रुखसती एवं वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना हेतु वाद पत्र क्या होता है, इसे कोर्ट में कैसे दाखिल किया जाता है, आसान प्रारूप, PDF
जब पति या पत्नी बिना उचित कारण वैवाहिक घर छोड़कर अलग रहने लगते हैं, तब पीड़ित पक्ष परिवार न्यायालय में रुखसती एवं वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना हेतु वाद दायर कर सकता है। आप इसे ऑनलाइन देख सकते हैं तथा डाउनलोड भी कर सकते हैं। ✍️⚖️
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